☆☆☆ धैर्य धरह मित्र ☆☆☆ गाछक झोंझ स' निकसल सुरूजक एकटा किरिण धरि हुलकी मारतह तोरो हृदयमे अवश्य कने धैर्य धरह धैर्य धरह मित्र ढाकी भरि खखरी सऽ झड़बे करतैक बाकुट भरि धान आ छिरिया जेतह लावा ठोर पर हम देखि रहल छी नील स' नीपल तोहर आँखिक अकासमे उगबाक ब्योंत क' रहल छह एकटा भरोसक चान मारिते हरखक तरेगण लेने नै नै अगुताह नै धैर्य धरह धैर्य धरह मित्र आइ ने काल्हि ढहबे करतह तोरा भीतर अक्खज सन गड़िया क' बैसल अन्हारक पहाड़ आ फरीछ होइतहिं तोरो तिरपेच्छन करबे करतह ई पृथ्वी सफलताक पिहानी कहैत बस्स मेहनति केर कोदारि स' तमैत चलह कर्तव्यक परती अबेर-सबेर तोरो आगू नतमस्तक हेतह एकहक टा धानक शीश ■✍ अक्षय आनन्द सन्नी